छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी विगत 29 वर्षों से प्रतिवर्ष आयोजन 1 अप्रैल को दाऊ दुलार सिंह मंदराजी का जन्म 1 अप्रैल 1910 को राजनांदगांव से 7 किलोमीटर दूर रव…
कला ही मेरे जीवन का एकमात्र उद्देश्य आप सभी मेरे गुरू की भांति पथ-प्रदर्शक आगे भी आप लोगों के स्नेह का अभिलाषी सामान्यत: व्यक्तित्व से अभिप्राय व्यक्ति के रूप-रंग , शारीरिक रचना और …
संपादकीय देखा जाए तो संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य को आदिवासी अंचल के रूप में जाना जाता है। बस्तर अंचल में आदिवासियों की बाहुलता है और अन्य मैदानी क्षेत्रों में अन्य बहुजातीय समाज की बहुलता और न…
संपादकीय विद्वानों के अनुसार मनुष्य की अमूल्य निधि उसकी संस्कृति है। संस्कृति में रहकर व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी बनता है और अपने अनुकूल बनाने की क्षमता अर्जित करता है। सामान्य अर्थ में …
ऐ जिनगी के कहां ले आना अउ कहां ले जाना हे ऐ जिनगी के भ इया इहां न कोनो ठिकाना हे मन ल हम सबला रमाना हे …
संपादकीय ------------------------------------------------------------------------------------------ गढ़ शब्द का अर्थ खाई युक्त किला होता है किन्तु छत्तीसगढ़ में गढ़ शब्द का प्रयोग पहले किले…
दिनांक सत्रह जून को लोककला दर्पण की अनुशंसा पर भारतीय लघु विधार्थी मानस परिवार के पदाधिकारीयों का गठन किया गया।लोककला साधक प्रकाश भैय्या के मार्गदर्शन तथा लोककला दर्पण के प्रधान संपादक गोविंद स…
गनपति वंदना ************* बुद्धि के देवैय्या , कारज के बनैय्या... सुमिरन तुमला हो... देव... गनपति महराज... रखिहौ तुमन हो लाज... जस के रद्दा होवय... दुख ले कोनो झन रोवय... …
समृद्ध है हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति हमारी सांस्कृतिक चेतना को विकसित और परिमार्जित करता है संस्कृति। संस्कृति के बिना संस्कार की परिकल्पना नहीं कि जा सकती है। इस स…
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