छत्तीसगढ़ी साहित्य मा चउमास के गजब वरनन मिलथे। आषाढ़ , सावन , भा दो , कुवाँर ये चार महीना चउमासा कहाथे। छत्तीसगढ़ के धरती आदिकाल ले साहित्य मा अगुवा रहे हे फेर मौन साधक प्रकृति के सेती इहां के आ भा मंड…
आज सुप्रसिद्ध गायक मोहम्मद रफी के पुण्यतिथि हे। छत्तीसगढ़ अउ छत्तीसगढ़ी के संग उनकर मया के नाता रहिस। सन् 1965 मा मोहम्मद रफी के आवाज मा पहिली छत्तीसगढ़ी गीत - "झमकत नदिया बहिनी लागे परबत मोर मिता…
काँग्रेस की सरकार ने पशुओं की सुरक्षा और पशुपालकों को रोजगार के साथ साथ उनकी आमदनी को बढ़ाने में मदद करने के लिए गोधन-न्याय योजना का शु भारंम्भ छत्तीसगढ़ में मनाई जाने वाली हरेली त्योहार के दिन से किय…
रिलो..रिलो..रिलो..साँय रिलो रे... मोर सुरडोंगर गाँव के सुघर डोंगरी। बालोद जिला डौण्डी ब्लाक आदिवासी गाँव इस्कूल मेर हनुमान मंदिर हवय पीपर छाँव गाँव के निंगती हवय माता सीतला के पाँव भेंट पलयगी अउ मया-…
संगी हो...ऐसो के बेरा हा कब कइसन काय हो जाही तेला कोनो बता नी सकय , अइसन उदीम अउ बेवसथा ल हमन देखत आवत हन। कोनो ह असिन बेरा कोरोना काल के देखे ल झन मिलय इही सोचत हावे। बीते कुछ दिन पहिली हमन देवारी अ…
पुरखा साहित्यकार के सुरता... हमर छत्तीसगढ़ मा जउन समय मा हिन्दी लिखइया साहित्यकार मन के गजब जोर रीहिस हे।अइसन बेरा मा घलो कुछेक छत्तीसगढ़िया रचनाकार मन साहित्य साधना ले अपन एक अलग चिन्हा छोड़िस वो…
छत्तीसगढ़ संस्कृति और परंपराओं की महकती बगिया है यहां के प्रत्येक त्योहारों का अपना अलग ही महत्व है।बारहो महीने मनाए जाने वाले स्थानीय लोक पर्व तीज त्योहारों के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश भर मे…
शीर्षक- आत्ममंथन के कवि मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में जब प्रयोगवाद का 'ककहरा' सिखाया जा रहा था तब गजानन माधव मुक्तिबोध इस वाद के शीर्ष पर काबिज़ हो गए थे। प्रयोगवाद को लेकर समीक्षकों ने जी…
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